Wednesday, September 02, 2015

एक हाथ में हल की मुठिया

आदरणीय व्योम जी, विषयवस्तु और शैली के हिसाब से तो इसे 500 फीसद नवगीत ही माना जाना चाहिए। रचनाकार का मुझे पता नहीं। लेकिन जो भी है उसे शत् शत् नमन

-ओमप्रकाश तिवारी
July 1 at 1:06pm

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