Wednesday, September 02, 2015

एक हाथ में हल की मुठिया

यह भी एक प्रयोग है... कि क्या किसी रचना की कथ्य, शैली.... से किसी रचनाकार को पहचाना जा सकता है..... क्या हम उन्हीं रचनाकारों को सहजता से पहचान पाते हैं जिनकी रचनाएँ विभिन्न कोर्स की किताबों में आ गई.... थोड़ी माथापच्ची करें तो नाम मिल जायेगा..... देखते हैं कि कौन सही रचनाकार तक पहुँच पाता है.... जो पहले पहुँच पाता है उनके लिए "नवगीत २०१३" पुरस्कार स्वरूप भेजी जायेगी......

-जगदीश व्योम
July 1 at 10:33am

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