Friday, September 25, 2015

शैलेन्द्र शर्मा का नवगीत

समसामयिक परिस्थितियों का यथार्थ चित्रण. सटीक अभिव्यक्ति...सुंदर नवगीत...
-त्रिलोक सिंह ठकुरेला
July 15 at 5:09pm

No comments: