Wednesday, September 02, 2015

एक हाथ में हल की मुठिया

मुझे गीति रचना इसलिए भी अच्छी लगी क्योंकि में ग्रामीण परिवेश में ही पला बढ़ा और वर्षों रहा हूँ ,शेष रचनाकार का नाम रहस्य में रखकर विमर्श करने कराने का यह प्रकार अधिक नहीं भाया
उस पर भी जाने माने लोग अनुमान ज्ञान में शून्य सावित हुए वह भी अकारण सीधी बात होनी चाहिए थी।

-मनोज जैन मधुर
July 3 at 9:40pm 

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