Friday, September 25, 2015

योगेन्द्र दत्त शर्मा का नवगीत

सुंदर और सामयिक पर,आत्मा शब्द की जगह कुछ और होता तो खटकती नही लय ! शेष क्षमा यदि कुछ गलत कहा !
-रंजना गुप्ता

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