Saturday, August 29, 2015

डा० जगदीश व्योम

गीत और नवगीत के अन्तर की खाई को इतना चौड़ा भी न कर दें कि दोनों के मध्य संवाद भी संभव न रह सके..... साठ सत्तर साल पहले के एक युवा में और आज के युवा में जो अन्तर है वहीं अन्तर गीत और नवगीत में भी है.....

-डा० जगदीश व्योम
July 10 at 12:14pm 

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