Saturday, August 29, 2015

निर्मल शुक्ल

आ० भारतेन्दु जी आप ठीक कह रहे हैं.इसे मैने सुधार दिया है यह गीत मेरे गीत संग्रह 'नील वनो के पार' में संग्रहीत है, शीर्षक में भूलवश गीत के स्थान पर नवगीत पोस्ट हो गया था,जिसे अब सुधार दिया गया है।

-निर्मल शुक्ल
June 23 at 6:30pm

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