Saturday, August 29, 2015

डा० जगदीश व्योम

 जिस रचना पर यहाँ विमर्श हो रहा है.... उसे निर्मल शुक्ल जी ने गीत ही कहा है नवगीत नहीं.... इस विषयक कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए......

-डा० जगदीश व्योम
July 4 at 9:24pm

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