Saturday, August 29, 2015

गीतकार मित्रों से निवेदन

गीत का मतलब फिल्मीगीत/लोक गीत/उत्सव आदि के अवसर पर लिखे जाने वाले गीत/आदि से भी जोड़ा जा सकता है किंतु नवगीत को इन सबसे नहीं जोड़ा जा सकता। माने नवगीत समग्र मानवीय चेतना या सरोकारों का अधुनातन गीत रूप है जबकि गीत प्राय: व्यक्तिपरक होता है छायावादी गीतों में यही विशेषता देखने को मिलती है और नवगीत निराला की -आराधना -में संग्रहीत गीतों के बाद से प्रारम्भ हुआ एक प्रकार का आन्दोलन/अभियान है।..यदि आज भी कोई पारम्परिक गीत लिखता है/दुहराता है, तो कोई बुराई नहीं किंतु उसे हम आधुनिक समय की दृष्टि से पिछड़ा ही मानेगे।अंग्रे्जी मे विलियम ब्लैक के गीत नवगीत की तरह दिखते हैं। संस्कृत मे राजेन्द्र मिश्र और राधावल्लभ त्रिपाठी जी के गीत नवगीत की तरह दिखाई देते हैं। हमारे यहाँ यह नवता की परंपरा स्वतंत्रता आन्दोलन के बाद नवता के आरम्भ के समय से देखी जा सकती है। और भी भाषाओ मे नवगीत लिखे जा रहे हैं। अर्थात गीत यदि पिता है तो नवगीत उसका प्रगतिशील आत्मज है। तो अब आप इस नए समय मे किससे बतियाना/संवाद करना चाहेंगे।आप पर निर्भर करता है।

-भारतेन्दु मिश्र

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