Saturday, August 29, 2015

मनोज जैन मधुर

आदरणीय भारतेंदु मिश्र भाईसाहब सचमानिये मैं आलोचना मे पूरी आस्था रखता हूँ बेशर्ते वह पूरी निष्पक्षता के साथ भर हो मेरे इस नवगीत पर आने बाली आलोचना का में स्वागत करता हूँ।

-मनोज जैन मधुर
July 9 at 9:55pm 

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