Saturday, August 29, 2015

भारतेन्दु मिश्र

जी व्योम जी आपने सही चिन्हित किया।कथ्य नया नहीं है, न हो किंतु पारंपरिक विषय का नवाचार /भंगिमा की नवता भी गीत को नये पाठ्य के साथ नवगीत बनाती है।

-भारतेन्दु मिश्र
July 9 at 10:16pm 

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